Jammu Kashmir News: राजौरी के थानामंडी के बंगाई जंगल में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 3 किलो IED बरामद कर उसे नियंत्रित तरीके से नष्ट कर दिया. यह कार्रवाई नौगाम पुलिस स्टेशन के विस्फोट में 9 मौतों के एक दिन बाद हुई. पुलिस का मानना है कि यह एक बड़ी साजिश थी जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया. मामले में आतंकियों के संभावित मॉड्यूल की तलाश जारी है.
Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की एक और बड़ी साजिश को सुरक्षा बलों ने समय रहते नाकाम कर दिया है. राजौरी जिले के थानामंडी इलाके के बंगाई जंगल में 3 किलो IED मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. लेकिन जम्मू कश्मीर पुलिस की तत्परता और तकनीकी टीम की तेज कार्रवाई की वजह से इस खतरनाक विस्फोटक को नियंत्रित तरीके से नष्ट कर दिया गया. इस ऑपरेशन ने साफ दिखा दिया कि जंगलों में छिपाए गए ऐसे कई मॉड्यूलों को पुलिस कड़ी चौकसी के साथ खोज रही है.
यह बरामदगी ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट ने नौ लोगों की जान ले ली थी और 32 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इस घटना के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है. ऐसे माहौल में राजौरी में 3 किलो IED का मिलना और उसका सफलतापूर्वक निष्क्रियन होना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम थानामंडी के बंगाई जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही थी. इसी दौरान घने जंगलों के बीच जवानों को संदिग्ध गतिविधि का सुराग मिला. तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने लगभग 3 किलो का IED बरामद किया. तुरंत ही बम निरोधक दल को बुलाया गया और विस्फोटक को कंट्रोल्ड मैकेनिज़्म के जरिए सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया. पुलिस के मुताबिक यह IED बड़े हमले की योजना से जुड़ा हो सकता था.
थानामंडी की बरामदगी से सिर्फ 24 घंटे पहले ही श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में बड़ा हादसा हुआ था.
विस्फोट में-
- 9 लोगों की मौत
- 32 से अधिक घायल
- SIA, FSL और क्राइम विंग के अधिकारियों की शहादत
इस ब्लास्ट में हाल ही में जब्त किए गए विस्फोटकों को सील करने के दौरान यह हादसा हुआ था. PAFF नाम के एक संगठन ने जिम्मेदारी लेने की कोशिश की. लेकिन J&K DGP नलिन प्रभात ने इसे “बेवजह अटकल” बताते हुए खारिज किया और साफ कहा कि यह एक दुर्घटना थी.

नौगाम ब्लास्ट- क्या है अब तक की पुलिस जांच?
नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट में मारे गए लोगों में SIA अधिकारी, तीन FSL अधिकारी, दो क्राइम विंग अधिकारी, दो रेवेन्यू अधिकारी और एक टेलर भी शामिल थे. 27 पुलिसकर्मी, दो रेवेन्यू अधिकारी और तीन नागरिक घायल हुए. धमाके से आसपास की इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा और पुलिस स्टेशन की संरचना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई.
IED बरामदगी के बाद क्या चल रही है कार्रवाई?
राजौरी IED मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. पुलिस जंगलों में छिपे संभावित मॉड्यूल की तलाश कर रही है. सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि नौगाम हादसे के बाद आतंकियों ने सक्रियता बढ़ाने की कोशिश की होगी, जिसे समय रहते रोक लिया गया.
