बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को उनकी उम्मीद से कम सीटों पर संतोष करना पड़ा. चुनाव नतीजों के बाद के महागठबंधन बिहार में विपक्ष की भूमिका निभाएगी, लेकिन सवाल ये है कि यहां नेता प्रतिपक्ष कौन होगा?
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आ चुके हैं. एनडीए ने इस चुनाव में प्रचंड बहुमत पाया है, जबकि महागठबंधन को उनकी उम्मीद से कम सीटों पर संतोष करना पड़ा. चुनाव नतीजों के बाद के महागठबंधन बिहार में विपक्ष की भूमिका निभाएगी, लेकिन सवाल ये है कि यहां नेता प्रतिपक्ष कौन होगा?
नेता प्रतिपक्ष के लिए कितनी सीटों की जरूरत
किसी सदन में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए कुल सीटों के 10% सीटों की जरूरत होती है. तेजस्वी की पार्टी तेजस्वी को 25 सीटें मिली हैं. बिहार विधानसभा में कुल मिलाकर 243 सीटे हैं. इस लिहाज से आरजेडी के पास 10% से थोड़ी ज्यादा ही हैं. लिहाजा तेजस्वी नेता प्रतिपक्ष बन सकते हैं. हालांकि बड़ा सवाल है कि इस विपक्ष की कितनी ताकत होगी? 2025 के चुनाव में विपक्ष बेहद कमजोर हो गया है क्योंकि वो 35 सीटों पर सिमट गया है. उसे पिछले चुनाव के मुकाबले 79 सीटों का नुकसान हुआ है.
बिहार चुनाव 2025 में महागठबंधन का प्रदर्शन
तेजस्वी की पार्टी ने खुद तो खराब प्रदर्शन किया ही उनके सहयोगी दलों की स्ट्राइक रेट और भी खराब रही. महागठबंधन की एक और सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने पिछले चुनाव में 19 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार कांग्रेस महज 6 सीटों पर सिमट गई. उसे 13 सीटों का नुकसान हुआ है. महागठबंधन का एक और सहयोगी दल VIP शून्य पर आउट हो गया. इसके नेता मुकेश साहनी चुनाव से पहले बड़े तेवर में थे. उन्होंने डिप्टी सीएम का चेहरा बनाने की मांग पर बड़े बगावती तेवर दिखाए थे. उनका दावा था कि मल्लाह, निषाद वोटों पर उनकी पकड़ है, लेकिन नतीजे कुछ और ही बता रहे हैं. इस बार बिहार में वाम दलों ने भी खराब प्रदर्शन किया है. वामदलों ने कुल मिलाकर सिर्फ 3 सीटों पर कामयाबी पाई है. उन्हें 13 सीटों का नुकसान हुआ है.
